About Us

हमारा मकसद ऐसी तालीम ओ तरबियत की तरक्की से है जिससे ऐसी नोज़वान कौम ओ नस्ल पैदा हो जो मुल्क ओ मिल्लत की  मुहब्बत से ओत-प्रोत (سرشار) हो, शारीरिक (جسمانی), प्राणिक (ذہنی), मानसिक (فکری), बौद्धिक(عقلی) एवं आध्यात्मिक (روحانی) दृष्टि (ادراک) से पूर्ण विकसित (مکمل) हो तथा जो जीवन की वर्तमान चुनौतियों (چیلنجوں) का सामना (مقابلہ) सफलतापूर्वक (کاما بی) कर सके और उसका जीवन गाँवो, जंगलो, पहाड़ियों एवं झुग्गी-झोपड़िया में रहने वाले दीन-दु:खी अभावग्रस्त (بدحال), बेसहारा, (غریبوں) अपने बान्धवों (رشتہ دار) को सामाजिक कुरीतियों (سماجی برائی), शोषण (اسحصال) एवं अन्याय से मुक्त कराकर राष्ट्र जीवन को समरस (ہم آہنگ), सुसंपन्न (خوشحال) एवं सुसंस्कृत (تہذیب یافتہ) बनाने के लिए समर्पित (وقف) हो|

मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी मुख्य उद्देश्य

  1. मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी मुख्य उद्देश्य राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए कार्य करने, लोगों का दुरूख-दर्द दूर करने, निर्धनों के हितों का संवर्द्धन करने, पर्यावरण की रक्षा करने, संगठन के माध्यम से समाज में जागरूकता लाने, बुनियादी सामाजिक सेवाएँ प्रदान करने तथा सामुदायिक विकास के लिये गतिविधियाँ चलाना है।
  2. मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी मुख्य उद्देश्य देश में सामाजिक एकजुटता, सेवा वितरण, प्रशिक्षण, अध्ययन व अनुसंधान एवं जनता की अपेक्षा को स्वर देने में सहयोग करना और सरकार के प्रदर्शन पर निगरानी करना, संवाद करना व राजनीतिक जवाबदेही को सुनिश्चित कराना है।
  3. मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी मुख्य उद्देश्य 150 करोड़ की आबादी वाले इस लोकतंत्र में विभिन्न सम्प्रदायों, धर्मों, जातियों से जुड़े लोग निवास करते हैं। बड़ी आबादी होने तथा विविध वर्गों में बंटे होने के कारण यहां के लोगों की समस्याएं भी अन्य देशों की अपेक्षा अधिक हैं। देश के अनेक अंचलों में गरीबी तथा अशिक्षा के कारण जागरूकता की कमी है। मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी उद्देश्य वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ लोगों को उनके अधिकारों के साथ.साथ उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे सुसंस्कृत समाज का हिस्सा बनकर एक खुशहाल जीवन जी सकें तथा अपना देश एक बार फिर से आर्थिक दृष्टि से समृद्ध होकर शिक्षा, सभ्यता व संस्कृति के क्षेत्र में विश्व में सिरमौर बन सके।
  4. देश के अनेक भू.भागों में अनेक समस्याओं के साथ छुआ-छूतए ऊंच-नीच का भेद-भाव, सामंतवाद अभी भी विद्यमान है। आजादी के पूर्व जहां इस देश को विदेशी ताकतों ने लूटा वहीं आजादी के बाद विभिन्न कालखण्डों में सफेदपोश नेताओं तथा सत्तारूढ़ प्रभावशाली व्यक्तियों ने भी देश की जनता का उत्पीड़न व शोषण करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसका परिणाम यह हुआ कि देश की आजादी को लम्बा समय बीत जाने के बावजूद आज भी जनसंख्या विस्फोट, अंधविश्वास, अशिक्षा, शिक्षा और इलाज की असमानता, गरीबी, बाल-श्रम बच्चों तथा महिलाओं का शोषण, सामन्तवाद, सम्प्रदायवाद, जातिवाद, राजनीतिक प्रदूषण, पर्यावरण प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, बेरोजगारी, यातायात, पानी, बिजली, आवास, वृद्ध, विकलांग, किसान, व्यापारियों की समस्याएं, आर्थिक असमानता आदि समस्याएं बराबर बनी हुई हैं। सामाजिक अपराध बढ़ रहे हैं। मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी सामाजिक समस्याओं, कुरीतियों, अंधविश्वासों के शिकार व्यक्तियों को पटल पर लाने तथा उन्हें जागरूक करने का कार्य करती है, ताकि वे चुनौतियों से साहस के साथ जूझकर आगे बढ़ सकें। इसके साथ ही छिपी हुई प्रतिभाओं को कुंदन की भांति निखारने का अवसर मिल सके।
  5. इसके साथ ही यदि ग्रामीण परिवेश पर नजर डाली जाए तो किसानों को खेत-किसानी सम्बंधी तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी के कारण आम आदमी इन समस्याओं से जूझकर अपना लक्ष्य हासिल करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी का मकसद लोगों में जागरूकता उत्पन्न करके उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति आगे बढ़ने की हिम्मत प्रदान करना है।
  6. मसीहा ऐजुकेशनल वेलफेयर सोसायटी के उप संगठनों का विस्तार सुदूर अंचलों में जाकर देश के अंतिम छोर तक किये जाने की योजना है, ताकि इसके माध्यम से शोषितों, पीड़ितों को न्याय की चौखट तक पहुँचाने में एक पहल की जा सके। इसके लिए संगठन की राज्य, जिला, नगर, कस्बा से लेकर ग्राम स्तर तक इकाइयां गठित करने की योजना है।

FarahimZahir

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